
भागलपुर: अंगिका भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती देने के उद्देश्य से युग चेतना फाउंडेशन, भागलपुर की ओर से 4 नवंबर को भावना होटल में ‘एक दिया अंगिका के नाम’ संकल्प संगीत संध्या का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम शाम 5 बजे से शुरू होगा। यह आयोजन अंगिका साहित्य के सैकड़ों दिवंगत निर्माताओं की स्मृति को समर्पित होगा।
फाउंडेशन के निदेशक शिवनंदन खेतान ने बताया कि कार्यक्रम में अंग प्रदेश के प्रमुख लेखक, साहित्यकार, पत्रकार, समाजसेवी, भाषा प्रेमी और कलाकार शामिल होंगे। सभी लोग अंगिका भाषा के विकास, संरक्षण और संवैधानिक पहचान के लिए सामूहिक रूप से संकल्प दीप प्रज्वलित करेंगे।
कार्यक्रम में अंग कोकिला के नाम से प्रसिद्ध लोक गायिका अर्पिता चौधरी अंगिका गीतों की प्रस्तुति देंगी। वहीं वरिष्ठ लेखिका आभा पूर्वे द्वारा अंगिका में रचित लघु उपन्यास ‘वापसी’ और बाल एकांकी संग्रह ‘वंदे मातरम’ का लोकार्पण भी किया जाएगा।
स्वागत भाषण में शिवनंदन खेतान ने अंगिका के महान साहित्यकारों के योगदान को याद करने, मातृभाषा के प्रति नई पीढ़ी में जागरूकता बढ़ाने और संविधान के अनुच्छेद 29, 30 एवं 350A सहित भाषा संबंधी अधिकारों के प्रति सजग होने का आह्वान किया है।
उन्होंने जनगणना में मातृभाषा के रूप में अंगिका दर्ज कराने की अपील करते हुए इसे भाषा की पहचान से जोड़ा। साथ ही अंगिका को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के सामूहिक प्रयास पर जोर दिया।
कार्यक्रम का संदेश है—जाति और धर्म से ऊपर उठकर अपनी मातृभाषा के सम्मान के लिए एकजुट होना।
एक दिया अंगिका के नाम, एक संकल्प अपनी भाषा और पहचान के नाम!






