
भागलपुर। तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) में शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की वेतन कटौती का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन भी कर्मचारियों की हड़ताल जारी रही। आंदोलन के समर्थन में पहुंचे एमएलसी सह सिंडिकेट सदस्य संजीव सिंह ने विश्वविद्यालय प्रशासन को सीधे निशाने पर लेते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने तल्ख लहजे में कहा, “इन दिनों टीएमबीयू नशे में चल रहा है।” साथ ही प्रभारी कुलपति प्रो. विमलेन्दु शेखर झा से इस्तीफे की मांग कर दी।
एमएलसी ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को उन्होंने स्वयं सिंडिकेट की बैठक में उठाया था और इस संबंध में प्रस्ताव भी पारित कराया था। इसके बावजूद मांगों पर कार्रवाई नहीं होना विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कर्मचारियों से आंदोलन जारी रखने की अपील करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन को जगाने की जरूरत है।

धरना स्थल पर उन्होंने कर्मचारी, संविदाकर्मी, पेंशनर और अतिथि शिक्षकों के मुद्दों पर भी प्रशासन की उदासीनता को लेकर नाराजगी जताई। उनके बयान के बाद प्रभारी कुलपति की कार्यशैली और विश्वविद्यालय प्रशासन की जवाबदेही को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
इधर, कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय मुख्यालय के कॉलेजों, पीजी विभागों और प्रशासनिक भवन की शाखाओं में तालाबंदी कर जमकर नारेबाजी की। कर्मचारी महासंघ के प्रक्षेत्रीय मंत्री सुशील मंडल ने कहा कि वार्ता के लिए अब तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचा है। उन्होंने ‘नो वर्क, नो पे’ संबंधी सूचना पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब पदाधिकारी भी विश्वविद्यालय नहीं आ रहे हैं, तो उनके वेतन पर भी यही नियम लागू होना चाहिए।
कर्मचारियों की मांग है कि काटी गई वेतन राशि वापस हो और पूर्व की तरह भुगतान सुनिश्चित किया जाए। सवाल यह है कि कर्मचारियों की मांगों पर विश्वविद्यालय प्रशासन कब जवाब देगा और जिम्मेदार पदाधिकारी कब जवाबदेही स्वीकार करेंगे?







