कार्यक्रम में उपस्थित प्राचार्य व अन्य

भागलपुर। बीएन कॉलेज, भागलपुर में आयोजित छह दिवसीय UGC-MMTTC फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) के चौथे दिन मंगलवार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), LLM की विश्वसनीयता और शिक्षा-स्वास्थ्य क्षेत्र में डेटा साइंस के उपयोग पर विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान से हुई।
पहले तकनीकी सत्र में NIT दुर्गापुर के ECE विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. संदीप राज ने ‘AI की नैतिकता’ पर चर्चा की। उन्होंने जिम्मेदार AI में निष्पक्षता, पारदर्शिता, जवाबदेही और स्वायत्तता के महत्व को समझाया। शोध में iThenticate, Turnitin और Copyleaks जैसे प्लेगरिज्म टूल्स के सही इस्तेमाल की जानकारी भी दी।
दूसरे सत्र में IIT पटना की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. श्रीपर्णा साहा ने LLM की विश्वसनीयता पर प्रशिक्षण दिया। उन्होंने AI में सच्चाई, सुरक्षा, गोपनीयता, भाषाई समावेशिता और सांस्कृतिक जागरूकता की जरूरत बताई। साथ ही Hallucination और Sycophancy जैसी AI की समस्याओं के कारणों पर प्रकाश डाला।

तकनीकी सत्र

तीसरे सत्र में MAIT नई दिल्ली के प्रोफेसर अनुपम कुमार ने शिक्षा, शिक्षण और शोध में AI के उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने शिक्षकों के लिए AI इस्तेमाल के पांच प्रमुख सुझाव—सत्यापन, सुरक्षा, घोषणा, अनुकूलन और जिम्मेदारी—साझा किए।
अंतिम सत्र में IIIT भागलपुर के सहायक प्रोफेसर डॉ. दिलीप कुमार चौबे ने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में AI व डेटा साइंस के उपयोग को समझाया। उन्होंने व्यक्तिगत शिक्षा, कमजोर छात्रों की पहचान, स्वचालित मूल्यांकन और बेहतर संसाधन प्रबंधन में AI की भूमिका बताई। साथ ही AI के इतिहास, मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग की तकनीकी जानकारी दी।
कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. अनिरुद्ध कुमार, समन्वयक प्रो. आरती कुमारी, सहायक समन्वयक डॉ. अम्बिका कुमार, डॉ. रविशंकर चौधरी समेत शिक्षक प्रतिभागी मौजूद रहे। मंच संचालन डॉ. शैलेश आनंद ने किया और कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

Share Now ➤

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *