
भागलपुर में शिक्षा, तकनीक और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के उद्देश्य से दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) की ओर से सोमवार को विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, युवा नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सामाजिक जिम्मेदारी और भागलपुर के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में मेयर डॉ. बसुंधरा लाल, डिप्टी मेयर डॉ. सलाह उद्दीन अहसन, DPS के चेयरमैन राजेश श्रीवास्तव, प्राचार्य अरुणिमा चक्रवर्ती, ग्लोबल आइडियाज कंपनी के निदेशक डॉ. आरिफ हबीब और नेपाल से पहुंचे साउथ एशिया फाउंड के महासचिव बरुआ मौजूद रहे।

कार्यक्रम में चार बड़ी पहलों की घोषणा की गई। पहली पहल के तहत 1 नवंबर 2026 को भागलपुर में SBI युवा आइडिया थॉन आयोजित होगा। इसमें बिहार के स्कूलों के छात्र वास्तविक समस्याओं की पहचान कर AI और तकनीक के जरिए नए और उपयोगी समाधान तैयार करेंगे। उद्देश्य छात्रों को सिर्फ पढ़ाई तक सीमित रखने के बजाय उन्हें समस्या समाधान और इनोवेशन से जोड़ना है।
दूसरी पहल के तहत बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए योगदान देने की घोषणा की गई। इसे छात्रों और समाज की साझा जिम्मेदारी से जोड़ते हुए सामाजिक संवेदनशीलता को बढ़ावा देने की बात कही गई।

तीसरी पहल में मेयर डॉ. बसुंधरा लाल और डिप्टी मेयर डॉ. सलाह उद्दीन अहसन ने ‘Artificial Intelligence for Students’ पुस्तक का लोकार्पण किया। आयोजकों के अनुसार जरूरतमंद छात्रों के बीच इसकी 20 हजार मुफ्त प्रतियां बांटने की योजना है।
चौथी और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जुड़ी अहम पहल के तहत भागलपुर के कतरनी चावल, चूड़ा, आम और सिल्क उत्पादों के लिए निर्यात आधारित बुनियादी ढांचा विकसित करने की योजना सामने रखी गई। इसमें बेहतर पैकेजिंग, गुणवत्ता, ब्रांडिंग और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक स्थानीय उत्पादों की पहुंच बढ़ाने पर जोर रहेगा।

इससे पहले डॉ. आरिफ हबीब ने छात्रों को बड़े और रचनात्मक लक्ष्य तय करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अंग प्रदेश भागलपुर से दुनिया का अगला ChatGPT तैयार करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने छात्रों से ऐसे नए आइडिया तलाशने की अपील की, जो भविष्य की तकनीकी चुनौतियों का समाधान कर सकें।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि इस वर्ष की बड़ी छात्र प्रतियोगिता की शुरुआत DPS भागलपुर से होगी, जिसमें पूरे बिहार से 20 छात्रों का चयन किया जाएगा। आयोजकों का फोकस स्पष्ट है—आइडिया को सिर्फ सोच तक नहीं, बल्कि तकनीक, प्रयोग और समाधान तक पहुंचाना।








