
भागलपुर के बी.एन. कॉलेज के कॉन्फ्रेंस हॉल में 3 से 8 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले छह-दिवसीय UGC-MMTTC फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का 3 अक्टूबर को भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का मुख्य विषय “Next-Gen Academia: Harnessing ICT & AI for Teaching, Learning and Research” रखा गया है। उद्घाटन समारोह में कुलसचिव प्रो. रामाशीष पूर्वे ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया और सभी प्रतिभागियों को “हैप्पी लर्निंग” की शुभकामनाएं दीं।
नोडल अधिकारी प्रो. कमल प्रसाद ने विश्वविद्यालय में पहले UGC-MMTTC FDP के आयोजन में निरंतर सहयोग के लिए राजभवन (लोक भवन) और MMTTC पटना विश्वविद्यालय के प्रति आभार व्यक्त किया। बी.एन. कॉलेज, भागलपुर के प्राचार्य डॉ. अनिरुद्ध कुमार ने कार्यक्रम में पंजीकरण कराने वाले बी.एन. कॉलेज, भागलपुर सहित तिलका माँझी भागलपुर विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों और स्नातकोत्तर विभागों के प्रतिभागियों को बधाई दी। उन्होंने कार्यक्रम की समन्वयक प्रो. (डॉ.) आरती कुमारी और सहायक समन्वयक डॉ. अंबिका कुमार की सराहना की।

कार्यक्रम के पहले दिन चार तकनीकी सत्र आयोजित हुए। पहले सत्र में बिहार लोक भवन, पटना में माननीय राज्यपाल के सलाहकार प्रो. बी.के. त्रिपाठी ने वर्चुअल माध्यम से “एनईपी-2020 के संदर्भ में समग्र और बहुविषयक शिक्षा” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने भारत-केंद्रित शिक्षा प्रणाली, गुरु-शिष्य परंपरा तथा नालंदा और तक्षशिला की शिक्षण परंपराओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्वामी विवेकानंद, रवींद्रनाथ टैगोर, महात्मा गांधी और श्री अरबिंदो के विचारों का उल्लेख करते हुए शिक्षा को चरित्र निर्माण, आध्यात्मिक विकास और मानवीय मूल्यों से जोड़ने की बात कही।
दूसरे सत्र में एक्सेंचर के एंटरप्राइज एआई वैल्यू स्ट्रेटेजी सीनियर मैनेजर श्री प्रचंड प्रवीर (बी.टेक, आईआईटी दिल्ली) ने “आधुनिक समय में भाषा शिक्षण: डिजिटल युग में एआई की भूमिका और प्रभाव” विषय पर वर्चुअल व्याख्यान दिया।
तीसरे सत्र में भागलपुर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के कंप्यूटर विज्ञान एवं इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ. राज अन्वित ने “शोध पत्र तैयार करने में एआई” विषय पर चर्चा की। उन्होंने प्रीडेटरी जर्नल में शोध प्रकाशित करने से बचने की सलाह दी और कहा कि अलग-अलग एआई टूल की अलग-अलग विशेषताएं होती हैं। सही प्रॉम्प्ट के जरिए एआई का प्रभावी उपयोग किया जा सकता है, लेकिन एआई से प्राप्त सामग्री पर आंख मूंदकर भरोसा करना उचित नहीं है।
चौथे सत्र में केएसी प्रा. लिमिटेड, हरियाणा के संस्थापक सदस्य एवं निदेशक प्रो. टी. दासगुप्ता ने वर्चुअल माध्यम से “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मूल बातें” विषय पर जानकारी दी।
सभी सत्रों में विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर विभागों के प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बी.एन. कॉलेज के शिक्षकों और शिक्षिकाओं ने कार्यक्रम के सफल संचालन में सहयोग दिया। मंच संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शैलेश आनंद ने किया। पहले दिन के कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के सामूहिक गायन के साथ हुआ।
4 अक्टूबर को FDP के दूसरे दिन शिक्षण-अधिगम में AI के नैतिक उपयोग, कॉपीराइट संबंधी मुद्दों और इमर्सिव टेक्नोलॉजी के एकीकरण पर तकनीकी सत्र होंगे। नालंदा विश्वविद्यालय के प्रो. दीपक कुमार और ICMR-RMRIMS, पटना के वैज्ञानिक डॉ. यश पॉल शर्मा भौतिक माध्यम से हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग देंगे।








