सेमिनार में उपस्थित प्रोफेसर फारूक अली व अन्य

भागलपुर: विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर 16 अक्टूबर 2026 को भागलपुर चैप्टर भारतीय पोषण संघ, स्नातकोत्तर गृह विज्ञान खाद्य एवं पोषण तथा सफाली संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय सेमिनार सह वेबिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संतुलित आहार, स्थानीय खाद्य पदार्थों के उपयोग, भोजन की बर्बादी रोकने और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर चर्चा हुई। इस वर्ष की थीम ‘आज नवाचार करें, कल को पोषित बनाएँ’ के माध्यम से सतत पोषण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में गुलअफशा परवीन ने अतिथियों का स्वागत किया। सभी अतिथियों को अंगवस्त्र एवं फ्रूट बास्केट देकर सम्मानित किया गया। टी.एन.बी. कॉलेज की प्राचार्या डॉ. दीपू महतो ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया, जबकि जेपी विश्वविद्यालय, छपरा के पूर्व कुलपति एवं सफाली संस्थान के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) फारूक अली ने अध्यक्षता की।
डॉ. दीपू महतो ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने और भोजन एवं पोषण के प्रति व्यवहार में सुधार लाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उपलब्ध संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करते हुए आवश्यकता के अनुसार ही भोजन लेना चाहिए, ताकि खाद्य अपव्यय को रोका जा सके।
प्रो. (डॉ.) फारूक अली ने कहा कि पोषण के क्षेत्र में नवाचार समय की आवश्यकता है। स्थानीय खाद्य संसाधनों का बेहतर उपयोग, संतुलित आहार के प्रति जागरूकता और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
मुख्य वक्ता डॉ. शिल्पा कौशल ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए थाली भरना नहीं, बल्कि संतुलित और पौष्टिक आहार लेना जरूरी है। उन्होंने ‘लोगों को पोषण दें, पृथ्वी की रक्षा करें’ का संदेश देते हुए स्थानीय खाद्य पदार्थों के उपयोग को प्रोत्साहित किया।
डॉ. उपेंद्र शाह ने खाद्यान्न भंडारण और वितरण व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि एक ओर गोदामों में अनाज खराब होता है, वहीं दूसरी ओर अनेक लोग भूख से जूझते हैं। उन्होंने महात्मा गांधी के विचारों का उल्लेख करते हुए खाद्यान्न का उचित वितरण और भोजन की बर्बादी रोकने को सामाजिक जिम्मेदारी बताया।
मुंगेर विश्वविद्यालय के उर्दू विभागाध्यक्ष डॉ. शाहिद ने पोषण संबंधी संदेश आम लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया। मारवाड़ी कॉलेज की डॉ. आलोक कुमारी ने खाद्य एवं पोषण के प्रति जागरूकता को महत्वपूर्ण बताया, जबकि गृह विज्ञान विभाग की पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. शहीदा खानम ने नवाचार को मानवता से जोड़ने की बात कही।
कार्यक्रम में छोटू कुमार चंदन और पूजा कुमारी ने अपने आलेख प्रस्तुत कर भोजन, पोषण और खाद्य अपव्यय के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। डॉ. रेणु रानी जायसवाल ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए अतिथियों, वक्ताओं, आयोजकों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने भोजन का सम्मान करने और संतुलित आहार चुनने का संदेश दिया।
इस अवसर पर सबीहा फैज, आदित्या राज, प्रिंस कुमार, रफत जबीं, मो. आसिफ अंसारी, शांति कुमारी, रोहित, इस्लाम और नूरी समेत दर्जनों लोग उपस्थित रहे।

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