

भागलपुर। विक्रमशिला सेतु पर आवागमन बंद होने के बाद भागलपुर और नवगछिया के बीच गंगा पार करने को लेकर लोगों की चिंता अब कुछ कम हुई है। जिला प्रशासन ने वैकल्पिक फेरी और जहाज सेवा के लिए आधिकारिक किराया दरें जारी कर दी हैं। सबसे बड़ी राहत आम यात्रियों के लिए है। यात्रियों, साइकिल और एंबुलेंस से गंगा पार करने के लिए कोई किराया नहीं लिया जाएगा।
अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में फेरी सेवा के संचालन और किराया निर्धारण पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति ने विभिन्न एजेंसियों से प्राप्त दरों की समीक्षा के बाद अंतिम रेट तय किया। पहले यात्रियों से प्रति व्यक्ति 35 रुपये लेने का प्रस्ताव था, लेकिन प्रशासन ने इसका खर्च सरकार द्वारा वहन करने का निर्णय लिया है। जहाज की निर्धारित लदान क्षमता के आधार पर संचालकों को भुगतान किया जाएगा।
बाइक से 50, ऑटो-टोटो से 150 रुपये किराया
निजी और व्यावसायिक वाहनों के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित की गई हैं। मोटरसाइकिल से गंगा पार करने के लिए 50 रुपये, जबकि ऑटो और टोटो के लिए 150 रुपये प्रति ट्रिप देने होंगे। जीप, कार और टैक्सी के लिए 700 रुपये निर्धारित किए गए हैं।
खेती और माल ढुलाई से जुड़े वाहनों के लिए भी रेट कार्ड जारी किया गया है। खाली ट्रैक्टर का किराया 250 रुपये, जबकि लोडेड ट्रैक्टर के लिए 500 रुपये देना होगा। खाली पिकअप के लिए 300 रुपये और लोडेड पिकअप के लिए 600 रुपये निर्धारित किए गए हैं। माल-मवेशी तथा 100 किलोग्राम तक के सामान के लिए 30 रुपये प्रति 100 किलोग्राम की दर तय की गई है।
घाटों पर लगेगा रेट बोर्ड, मनमानी वसूली पर कार्रवाई
प्रशासन ने जहाज संचालकों को निर्धारित दरों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। सभी संबंधित घाटों पर किराया सूची प्रदर्शित करनी होगी। निर्धारित दर से अधिक वसूली या यात्रियों से दुर्व्यवहार की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
विक्रमशिला सेतु के स्थायी पुनर्निर्माण तक फेरी सेवा लोगों के लिए महत्वपूर्ण वैकल्पिक परिवहन माध्यम बनी रहेगी। खासकर दैनिक यात्रियों, मजदूरों, कर्मचारियों और मरीजों के लिए मुफ्त यात्री एवं एंबुलेंस सेवा बड़ी राहत मानी जा रही है।








