
भागलपुर। विश्व अहिंसा दिवस एवं गांधी जयंती के अवसर पर गांधी शांति प्रतिष्ठान केंद्र, भागलपुर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रकाश चंद्र गुप्ता ने की। समारोह के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध चिकित्सक एवं एपीआई भारत के उपाध्यक्ष डॉ. डीपी सिंह रहे। विशिष्ट अतिथियों में पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष डॉ. शंभू दयाल खेतान, जेपी विश्वविद्यालय छपरा के पूर्व कुलपति डॉ. फारूक अली, बीएन कॉलेज भागलपुर के प्राचार्य डॉ. अनिरुद्ध कुमार, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सतीश कुमार और भारतीय गांधी अध्ययन समिति, ओडिशा के अध्यक्ष प्रो. सुधीर चंद्र जैन शामिल रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत सर्वधर्म प्रार्थना से हुई। इसके बाद अतिथियों ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। सर्वधर्म प्रार्थना में संजय कुमार, अनीता शर्मा, मोहम्मद तकी अहमद जावेद और वीणा सिन्हा ने सहभागिता की। संचालन सहसचिव संजय कुमार, स्वागत एवं सम्मान कोषाध्यक्ष अरविंद कुमार राम तथा धन्यवाद ज्ञापन राजकुमार ने किया।
मुख्य अतिथि डॉ. डीपी सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी आधुनिक इतिहास के सबसे प्रभावशाली विचारकों में हमेशा स्मरणीय रहेंगे। अशांत विश्व को सत्य, अहिंसा और प्रेम का गांधीवादी विचार ही शांति की दिशा दिखा सकता है। उन्होंने कहा कि गांधी आज केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार बन चुके हैं। बच्चों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे आने वाली दुनिया के भविष्य हैं, इसलिए उन्हें गांधी के विचारों को समझने की जरूरत है। उन्होंने गांधी शांति प्रतिष्ठान के ‘टेकिंग गांधी टू स्कूल’ कार्यक्रम की सराहना की।
प्रो. सुधीर चंद्र जैन ने कहा कि ज्ञान का व्यापक प्रसार जरूरी है, ताकि नई पीढ़ी उसका वाहक बन सके। शांतिपूर्ण और सर्वोदय आधारित समाज के निर्माण में गांधी के विचार उपयोगी हैं। उन्होंने ट्रस्टीशिप और गांधी के आर्थिक विचारों का भी उल्लेख किया। डॉ. सतीश कुमार ने कहा कि समाज तभी बेहतर बनेगा, जब अधिक से अधिक लोग अपने आचरण में अच्छाई को अपनाएंगे।
इस अवसर पर अन्य अतिथियों ने भी गांधी और शास्त्री के विचारों को जीवन में आत्मसात करने पर जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में भाषण, गीत, निबंध, चित्रकला और क्विज प्रतियोगिताओं के 65 विजेता प्रतिभागियों को अतिथियों ने पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।







