गांधी प्रतिमा के सामने हुई सर्वधर्म प्रार्थना

भागलपुर। तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के गांधी विचार विभाग में आयोजित पूर्ववर्ती छात्र समागम में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए अब इसे ‘गांधी विचार परिवार समागम’ के नाम से आयोजित करने पर सर्वसम्मति बनी। साथ ही प्रत्येक वर्ष 6 फरवरी और 2 अक्टूबर को गांधी विचार परिवार के सभी छात्र-छात्राओं के विभाग में जुटने का निर्णय लिया गया। पूरे दिन चलने वाले इस आयोजन में गांधी विचार और सामाजिक समस्याओं से जुड़े कार्यों के अनुभव व रिपोर्ट साझा किए जाएंगे। इन रिपोर्टों के आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार कर सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को सरकार के समक्ष उठाने की भी पहल की जाएगी।
तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के गांधी विचार विभाग में गांधी जयंती के अवसर पर 30 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक आयोजित त्रिदिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का तीसरा दिन विभाग स्थापना दिवस, गांधी जयंती और गांधी विचार परिवार समागम के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पूर्वाह्न 9 बजे गांधी प्रतिमा पर पुष्पांजलि और सर्वधर्म प्रार्थना से हुई।
विभाग के स्वराज कक्ष में आयोजित समागम का संचालन गांधी विचार विभाग के प्रथम सत्र के प्रथम विद्यार्थी, पूर्व विभागाध्यक्ष तथा महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के कार्यकारी कुलपति रह चुके प्रोफेसर मनोज कुमार ने किया। अरूणानंद जी, अमर कुमार, राजीव कुमार, राहुल कुमार, सुनील अग्रवाल सहित अधिकांश पूर्ववर्ती छात्रों ने अपने अनुभव और विचार साझा किए।

कार्यक्रम में उपस्थित अतिथि

समागम में यह भी तय हुआ कि प्रत्येक वर्ष होने वाले मिलन में छात्र-छात्राएं गांधी विचार और सामाजिक समस्याओं से संबंधित अपने कार्यों की रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। इन रिपोर्टों का समेकन कर आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। गांधी विचार के अनुरूप सामाजिक संगठनों को सरकार से सहयोग और अनुदान सहित विभिन्न योजनाओं को लेकर आवश्यक मांग तैयार कर सरकार के समक्ष रखने पर भी सहमति बनी। विभाग की ओर से 60 से अधिक पूर्ववर्ती छात्रों को अंगवस्त्रम और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
संघर्षशील साथियों ने साझा किए अनुभव
पूर्वाह्न 11 बजे ‘संघर्षशील साथियों का संवाद’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर विजय कुमार ने की, जबकि वरिष्ठ पत्रकार श्री दिनेश कुमार सिंह मुख्य अतिथि रहे। मंच पर गांधी विचार के पूर्व विभागाध्यक्ष और महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा, महाराष्ट्र के कार्यकारी कुलपति रह चुके प्रोफेसर मनोज कुमार, परिधि से उदय जी, जनप्रिय के गौतम जी और पूर्ववर्ती छात्र समागम के संयोजक डॉक्टर सुनील अग्रवाल मौजूद रहे। विभाग के वरीय प्राध्यापक डॉ उमेश प्रसाद नीरज ने अतिथियों का स्वागत किया और मंच का संचालन प्रोफेसर मनोज कुमार ने किया।
किसान नेता और वरिष्ठ पत्रकार श्री दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि कोई भी आंदोलन अपने समय की परिस्थितियों के अनुरूप होता है। अहिंसात्मक आंदोलन के माध्यम से ही व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के संसाधनों पर बिजनेसमैन और कॉर्पोरेट घरानों की नजर है। गांधी विचार के छात्रों से उन्होंने कहा कि वे गांधी विचार के ब्रांड एंबेसडर हैं और देश व समाज के प्रति उनका दायित्व अधिक है।
प्रोफेसर डॉक्टर मनोज कुमार ने वर्ष में एक बार पूर्ववर्ती छात्रों के मिलन की आवश्यकता पर जोर दिया। डॉ महेंद्र हरिजन ने स्नातक स्तर पर गांधी विचार की पढ़ाई शुरू करने की बात कही। जनप्रिय के गौतम ने कहा कि सामाजिक संगठनों के कार्यों से समाज में काम करने वाले साथियों का कारवां बढ़ा है।
वर्धा से आए डॉ अमित विश्वास ने कहा कि वर्तमान समस्याओं का समाधान नई पीढ़ी में गांधी विचार की समझ विकसित करने से ही संभव है। परिधि के श्री उदय जी ने कहा कि कार्ययोजना और संघर्ष आवश्यक है, जिसका रास्ता गांधी जी ने दिखाया। उन्होंने वर्तमान समस्याओं के समाधान के लिए गांधी विचार के अनुरूप समाज के बीच जाकर काम करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में सभी अतिथियों को भी अंगवस्त्रम और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। सम्मान के इस अवसर पर इतिहासकार डॉक्टर रविशंकर कुमार चौधरी भी मौजूद रहे। अंत में विभागाध्यक्ष डॉ अमित रंजन सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
इस अवसर पर विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉक्टर गौतम कुमार, डॉ मनोज कुमार दास, पूर्ववर्ती छात्र कृष्ण किंकर मंडल, देवानंद, करण, गौरव सिंह, मयंक कुमार, जीनत, कुमकुम, खुशबू, शिल्पी, सुजीत, मुखिया आलोक जी, शशि यादव जी, अनिमेष जी आदि उपस्थित रहे।

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